Sitaramdera Attack: सीतारामडेरा में दो युवकों पर जानलेवा हमला, गोलियों और हथियारों से दहला छायानगर, ARZ ग्रुप के लड़कों पर गहराया शक
जमशेदपुर के सीतारामडेरा में मंगलवार रात अपराधियों ने सन्नी पुष्टि और नंदू लोहार पर अंधाधुंध फायरिंग और धारदार हथियार से हमला किया है। ARZ ग्रुप के सदस्यों और पुरानी रंजिश से जुड़ी इस खौफनाक वारदात की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर/सीतारामडेरा, 1 अप्रैल 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर का सीतारामडेरा थाना क्षेत्र मंगलवार की देर रात गोलियों की गूँज और चीख-पुकार से दहल उठा। छायानगर स्थित अमित स्टोर डब्बा लाइन के पास अपराधियों ने दो युवकों, सन्नी पुष्टि उर्फ जगन्नाथ पुष्टि और नंदू लोहार पर जानलेवा हमला कर पूरे इलाके में मौत का सन्नाटा फैला दिया। हमलावरों ने न केवल धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया, बल्कि मौके पर फायरिंग भी की, जिससे घटनास्थल खून से लथपथ हो गया। इस सनसनीखेज वारदात की खबर मिलते ही डीएसपी हेडक्वार्टर वन भोला प्रसाद और सीतारामडेरा पुलिस बल मौके पर पहुँचे। घायलों को गंभीर हालत में टीएमएच (TMH) अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ वे जीवन और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं।
आधी रात का तांडव: गोलियां चलीं और लहराए हथियार
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, यह हमला अचानक और बेहद नियोजित तरीके से किया गया। हमलावरों की संख्या आधा दर्जन से अधिक बताई जा रही है।
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लहूलुहान हुआ छायानगर: सन्नी और नंदू जब डब्बा लाइन के पास मौजूद थे, तभी हमलावरों ने उन्हें घेर लिया। धारदार हथियारों से वार करने के साथ-साथ उन पर गोलियां भी चलाई गईं।
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बचकर निकला नंदू: हमले के दौरान नंदू लोहार किसी तरह जान बचाकर सन्नी के घर पहुँचा और आपबीती सुनाई। जब परिजन मौके पर पहुँचे, तो सन्नी पुष्टि वहां बेसुध और खून से लथपथ पड़ा था।
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TMH में भर्ती: दोनों घायलों को तुरंत टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों की स्थिति नाजुक बनी हुई है। सन्नी शादीशुदा है और उसका एक छोटा बच्चा भी है।
परिजनों का आरोप: ARZ ग्रुप और सुरु भुइयाँ के बेटों का हाथ
घायल सन्नी पुष्टि की बहन सोनी ने इस हमले के पीछे स्थानीय अपराधियों और एक विशेष गुट का नाम लिया है।
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नामजद आरोपी: परिजनों ने सुरु भुइयाँ के तीन बेटों— संजय भुइयाँ, पाल भुइयाँ और आजाद भुइयाँ पर सीधा आरोप लगाया है। इसके अलावा दीपाली का बेटा करण, टकलू लोहार का बेटा प्रिंस लोहार और कुछ अन्य युवकों के शामिल होने की बात कही गई है।
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ARZ ग्रुप का कनेक्शन: चर्चा है कि इस हमले को ARZ ग्रुप से जुड़े युवकों ने अंजाम दिया है। यह ग्रुप इलाके में अपनी धमक बनाए रखने के लिए अक्सर विवादों में रहता है।
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पुरानी रंजिश: सोनी के अनुसार, हाल ही में संपन्न हुई रामनवमी के दौरान आरोपियों के साथ सन्नी का विवाद हुआ था। उस वक्त भी आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी थी, जिसे मंगलवार रात अंजाम दे दिया गया।
सीतारामडेरा और छायानगर: गैंगवार और अपराध का इतिहास
सीतारामडेरा का छायानगर और डब्बा लाइन इलाका लंबे समय से वर्चस्व की लड़ाई का केंद्र रहा है।
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गैंग्स ऑफ जमशेदपुर: जमशेदपुर में अपराधियों के छोटे-छोटे गुटों (जैसे ARZ ग्रुप) का उदय हुआ है, जो अक्सर आपसी रंजिश और वर्चस्व के लिए हिंसक झड़पों में शामिल रहते हैं।
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हथियारों की उपलब्धता: पुलिस ने घटनास्थल से खोखे बरामद किए हैं, जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि इलाके में अवैध हथियारों की पहुंच बढ़ी है। हालांकि शुरुआती जांच में धारदार हथियार के घाव प्रमुख दिखे, लेकिन बरामद गोलियां फायरिंग की मंशा को साफ करती हैं।
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पुलिस की चुनौती: सीतारामडेरा पुलिस के लिए छायानगर जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में गश्त करना हमेशा से चुनौतीपूर्ण रहा है। इस घटना ने एक बार फिर शहर की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिसिया जांच: फरार अपराधियों की तलाश में छापेमारी
डीएसपी भोला प्रसाद ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद कड़े निर्देश जारी किए हैं।
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साक्ष्यों की तलाश: पुलिस ने मौके से मिले सुरागों और परिजनों द्वारा दिए गए नामों के आधार पर संदिग्धों की लिस्ट तैयार कर ली है। मोबाइल टावर लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
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दबिश तेज: एआरजेड ग्रुप से जुड़े युवकों और सुरु भुइयाँ के बेटों की गिरफ्तारी के लिए रात से ही पुलिस की विभिन्न टीमें शहर के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
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शांति की अपील: पुलिस ने इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
जमशेदपुर के सीतारामडेरा में हुई यह वारदात दिखाती है कि किस तरह मामूली विवाद और पुरानी रंजिशें खूनी गैंगवार में बदल रही हैं। सन्नी पुष्टि और नंदू लोहार पर हुआ हमला शहर में बढ़ते अपराधीकरण का एक और सबूत है। एक साल के मासूम के सिर से पिता का साया छीनने की कोशिश करने वाले ये हमलावर पुलिस की गिरफ्त से कितनी दूर हैं, यह बड़ा सवाल है। क्या प्रशासन इन स्वयंभू 'ग्रुप्स' और गिरोहों पर नकेल कस पाएगा? फिलहाल, टीएमएच के बाहर परिजनों की चीखें और छायानगर में फैला खौफ पुलिस से त्वरित न्याय की गुहार लगा रहा है।
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