Hazaribagh Accident: जैप-7 के सब-इंस्पेक्टर की दर्दनाक मौत, बस पकड़ने के दौरान बाइक ने मारी टक्कर, पुलिस महकमे में मातम
हजारीबाग के पदमा गेट के पास हुए एक भीषण सड़क हादसे में जैप-7 के सब-इंस्पेक्टर अनिल पासवान की जान चली गई है। पुलिस सभा से लौटते वक्त तेज रफ्तार बाइक की चपेट में आने और अस्पताल ले जाते समय हुए इस दर्दनाक अंत की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी एनएच पर छिपे इस जानलेवा खतरे की सच्चाई से अनजान रह जाएंगे।
हजारीबाग, 15 जनवरी 2026 – हजारीबाग जिले में गुरुवार की देर शाम एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। इस दुर्घटना में जैप-7 (JAP-7) में पदस्थापित और चौपारण के चोहदाहा थाना में कार्यरत सब-इंस्पेक्टर अनिल पासवान की मौत हो गई। एक कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी की इस तरह अचानक हुई मौत से न केवल उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, बल्कि पूरे झारखंड पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है। घटना उस वक्त हुई जब वे ड्यूटी से जुड़ी एक अहम बैठक पूरी कर अपने घर लौटने की तैयारी कर रहे थे।
पुलिस सभा से लौट रहे थे घर: पदमा गेट के पास काल बनी बाइक
जानकारी के अनुसार, अनिल पासवान हजारीबाग स्थित जैप-7 मुख्यालय में आयोजित एक पुलिस सभा (Police Meeting) में शामिल होने आए थे।
-
सड़क पार करते समय हादसा: सभा समाप्त होने के बाद वे वापस चौपारण लौटने के लिए पदमा गेट के पास बस पकड़ने जा रहे थे। जैसे ही वे सड़क पार करने लगे, विपरीत दिशा से आ रही एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार बाइक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
-
गंभीर चोटें: टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि अनिल पासवान काफी दूर जा गिरे और उन्हें अंदरूनी व गंभीर चोटें आईं। हादसे में बाइक सवार तीन लोग भी सड़क पर गिर पड़े, जिनमें से दो की हालत नाजुक बताई जा रही है।
-
रास्ते में तोड़ा दम: स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उन्हें तुरंत हजारीबाग के आरोग्यम अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बदकिस्मती से अस्पताल पहुँचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
घायलों की स्थिति नाजुक: पुलिस अधीक्षक पहुँचे अस्पताल
हादसे की खबर मिलते ही जैप-7 के पुलिस अधीक्षक (SP) अविनाश कुमार समेत बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और जवान आरोग्यम अस्पताल पहुँचे।
-
महिला की हालत चिंताजनक: बाइक पर सवार एक महिला की स्थिति भी बेहद नाजुक बनी हुई है और उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है।
-
पुलिस विभाग में मातम: अपने एक साथी को खोने के गम में जैप-7 के जवानों की आंखें नम थीं। अनिल पासवान को उनके मृदु स्वभाव और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाना जाता था।
-
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल: घटना की जानकारी उनके परिजनों को दे दी गई है, जिसके बाद घर में कोहराम मच गया है।
हजारीबाग सड़क हादसा: मुख्य विवरण (Accident Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| मृतक का नाम | अनिल पासवान (सब-इंस्पेक्टर, जैप-7) |
| पदस्थापना | चोहदाहा थाना, चौपारण |
| हादसे का स्थान | पदमा गेट, हजारीबाग |
| वजह | तेज रफ्तार बाइक की टक्कर |
| वर्तमान स्थिति | पुलिस महकमे में शोक, जांच जारी |
इतिहास का पन्ना: हजारीबाग का 'पदमा गेट' और खूनी हाईवे का सच
हजारीबाग का पदमा क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से छोटानागपुर के राजाओं की रियासत रहा है। पदमा किला और यहाँ के द्वार ऐतिहासिक वैभव के प्रतीक हैं। लेकिन आधुनिक समय में, हजारीबाग से गुजरने वाला यह नेशनल हाईवे (NH) दुर्घटनाओं का हॉटस्पॉट बन गया है। 1990 के दशक में जब इस सड़क का विस्तार हुआ, तब से तेज रफ्तार वाहनों ने यहाँ कई जिंदगियां ली हैं। इतिहास गवाह है कि जैप (Jharkhand Armed Police) के कई जांबाज जवानों ने ड्यूटी के दौरान या घर लौटते समय सड़क हादसों में अपनी जान गंवाई है। पुलिस सभाओं के बाद अक्सर शाम के समय बस पकड़ने के लिए सड़क पार करना एक जोखिम भरा काम रहा है, और आज की घटना ने एक बार फिर हाईवे सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लापरवाही या सिर्फ इत्तेफाक?
हादसे के बाद पुलिस ने बाइक को जब्त कर लिया है और यह जांच की जा रही है कि क्या बाइक सवार नशे में थे या बाइक की रफ्तार तय सीमा से अधिक थी।
-
हाईवे पर अंधेरा: स्थानीय लोगों का कहना है कि पदमा गेट के पास स्ट्रीट लाइट्स की कमी और वाहनों की बेतहाशा रफ्तार अक्सर पैदल चलने वालों के लिए मौत का कारण बनती है।
-
कानूनी कार्रवाई: पुलिस ने बाइक सवारों के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, हालांकि फिलहाल वे खुद भी अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
एक योद्धा का दुखद अंत
सब-इंस्पेक्टर अनिल पासवान ने अपनी पूरी सेवा देश और समाज की सुरक्षा में लगा दी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। हजारीबाग पुलिस के लिए यह एक अपूरणीय क्षति है। पोस्टमार्टम के बाद शव को पूरे सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव भेजा जाएगा।
What's Your Reaction?


