Gumla Gang Rape: शादी में आई नाबालिग संग सामूहिक दुष्कर्म, तीन दिन तक दर्द छुपाती रही पीड़िता
कुरुमगढ़ थाना क्षेत्र में शादी समारोह में आई नाबालिग संग सामूहिक दुष्कर्म, तीन दिन चुप रही, 23 अप्रैल को परिजनों ने थाने में दी शिकायत।
Gumla Shocker: गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड अंतर्गत कुरुमगढ़ थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। शादी समारोह में शामिल होने अपनी फुआ के घर आई पीड़िता को गांव के ही दो युवकों ने अंधेरे का फायदा उठाकर अपनी हवस का शिकार बना लिया।
जान की धमकी, तीन दिन तक रखी पीड़ा छुपाकर
20 अप्रैल की शाम की बात है। पीड़िता अपनी फुआ के घर के पीछे दीवार के पास खड़ी थी। तभी वहां पहले से घात लगाए सेंकरा गांव निवासी ब्राह्मण मुंडा उर्फ धर्मनाथ मुंडा और रतन दास ने उसे अचानक पकड़ लिया। आरोपियों ने उसका मुंह बंद कर दिया और जबरन उठाकर पास के घने जंगल में ले गए। वहां दोनों ने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया।
इसके बाद आरोपियों ने उसे धमकी दी कि अगर किसी को बताया, तो वे उसके परिवार के सदस्यों पर हमला कर उन्हें जान से मार देंगे। डर के मारे पीड़िता ने तीन दिनों तक अपने साथ हुए जुल्म के बारे में किसी से कुछ नहीं कहा।
23 अप्रैल को मां को बताया, फिर थाने पहुंचे परिजन
23 अप्रैल की रात पीड़िता ने हिम्मत जुटाई और रोते हुए अपनी मां को पूरी आपबीती सुनाई। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया। शुक्रवार को परिजन पीड़िता को लेकर कुरुमगढ़ थाने पहुंचे और न्याय की गुहार लगाते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पीड़िता डुमरी थाना क्षेत्र की रहने वाली
पुलिस को दिए गए लिखित शिकायत पत्र के अनुसार, पीड़िता डुमरी थाना क्षेत्र की रहने वाली है। वह 18 अप्रैल को कुरुमगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव में अपनी फुआ के घर एक शादी समारोह में आई थी। वहां उसके साथ यह दर्दनाक घटना घटी।
गुमला जिले का दूरस्थ इलाका
गुमला जिले का चैनपुर प्रखंड और कुरुमगढ़ थाना क्षेत्र झारखंड के सबसे दूरस्थ और घने जंगलों वाले इलाकों में से एक है। यहाँ की आबादी मुख्य रूप से आदिवासी है और यह इलाका साल के जंगलों, पहाड़ियों और नदियों से घिरा है। यहाँ की सड़कें आज भी कच्ची हैं और संवाद के साधन सीमित हैं। यही कारण है कि इस तरह की घटनाएं अक्सर दब जाती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहाँ महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता है, लेकिन प्रशासन की पहुंच यहाँ तक सीमित है।
आरोपी ब्राह्मण मुंडा और रतन दास
इस मामले में दो आरोपी बनाए गए हैं:
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ब्राह्मण मुंडा उर्फ धर्मनाथ मुंडा (निवासी सेंकरा गांव)
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रतन दास (निवासी सेंकरा गांव)
दोनों पीड़िता के गांव के ही बताए जा रहे हैं। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है।
माँ का रो-रोकर बुरा हाल
पीड़िता की मां ने बताया कि उनकी बेटी तीन दिन तक चुप रही। उसे लगा कि कहीं आरोपी सच में उनके परिवार पर हमला न कर दें। जब उसने रात को रोते हुए सब बताया तो मां का दिल टूट गया। उन्होंने कहा, "हम गरीब लोग हैं, लेकिन हम अपनी बेटी के साथ हुए इस जुल्म की बदला के बिना नहीं रहेंगे।"
कुरुमगढ़ थाने में मामला दर्ज, जांच शुरू
कुरुमगढ़ थाना पुलिस ने पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि पीड़िता का मेडिकल कराया जाएगा। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। गुमला एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
समाज और प्रशासन को जागरूक होना होगा
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में महिलाओं की सुरक्षा कितनी कमजोर है। कई बार तो मामले दब जाते हैं क्योंकि पीड़िता और परिवार धमकी से डर जाते हैं। प्रशासन को चाहिए कि ऐसे मामलों में सख्त से सख्त कार्रवाई करे और पीड़िता के परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करे। साथ ही, समाज को भी आगे आकर ऐसी घटनाओं की निंदा करनी चाहिए और पीड़िता को इज्जत के साथ जीने का माहौल देना चाहिए।
आपकी राय क्या है – क्या दूरस्थ इलाकों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष पुलिस बल तैनात किया जाना चाहिए? कमेंट में बताएं।
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