Godda Accident: गोड्डा में मौत की घाटी बना तेलगामा मोड़, 40 फीट नीचे एनटीपीसी रेलवे ट्रैक पर गिरा अनियंत्रित हाइवा, चालक-खलासी की अटकी सांसें
गोड्डा के ललमटिया में एक हाइवा रेलिंग तोड़कर 40 फीट नीचे सीधे एनटीपीसी के कोयला ट्रैक पर जा गिरा। ट्रेन की बोगी के नीचे फंसे चालक और मलबे में दबे उपचालक के इस रोंगटे खड़े कर देने वाले रेस्क्यू की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप आज की सबसे बड़ी दुर्घटना का अपडेट मिस कर देंगे।
गोड्डा/ललमटिया, 23 फरवरी 2026 – झारखंड के गोड्डा जिले से सोमवार की सुबह एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर आई है, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। ललमटिया थाना क्षेत्र के तेलगामा के पास महागामा-ललमटिया मुख्य मार्ग पर एक अनियंत्रित हाइवा मौत की छलांग लगाते हुए करीब 40 फीट नीचे जा गिरा। यह हादसा इतना भयावह था कि हाइवा सीधे एनटीपीसी (NTPC) की डाउनलाइन एमजीआर (MGR) एमटी ट्रैक पर जा पहुँचा। जिस वक्त यह हादसा हुआ, ट्रैक पर कोयला लदी ट्रेन गुजर रही थी। इस चमत्कारिक बचाव और भीषण तबाही की खबर ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
मौत को मात: जब ट्रेन की बोगी के नीचे फंस गया चालक
हादसा भोरे-भोर (तड़के सुबह) हुआ, जब कोहरे और तेज रफ्तार के बीच हाइवा ने अपना संतुलन खो दिया।
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रेलिंग चकनाचूर: महागामा की ओर से आ रहा हाइवा सड़क किनारे लगी लोहे की मजबूत रेलिंग को कागज की तरह फाड़ते हुए नीचे खाई में गिर गया।
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खौफनाक दृश्य: गिरने के बाद हाइवा का चालक लालू कुमार झटके से दूर जा गिरा और वहां से गुजर रही मालगाड़ी की बोगी के नीचे फंस गया।
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मलबे में फंसा उपचालक: वहीं, उपचालक मनीष कुमार हाइवा के पूरी तरह पिचक चुके केबिन के भीतर ही फंस कर रह गया। उसकी चीखें सुनकर आसपास के राहगीरों ने तुरंत ललमटिया पुलिस को सूचित किया।
एनटीपीसी का 'मेगा रेस्क्यू': आधे घंटे तक चली सांसों की जंग
सूचना मिलते ही ललमटिया थाना प्रभारी रौशन कुमार सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने सबसे पहले ट्रेन की बोगी के नीचे फंसे लालू कुमार को सुरक्षित बाहर निकाला। लेकिन उपचालक मनीष को निकालना बड़ी चुनौती थी।
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रेस्क्यू टीम की एंट्री: सुबह होते ही एनटीपीसी की विशेष रेस्क्यू टीम सुभाशीष बनर्जी के नेतृत्व में घटना स्थल पर पहुँची।
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काटकर निकाला गया: टीम ने हाइड्रोलिक कटर और अन्य उपकरणों की मदद से करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गाड़ी के मलबे को काटकर मनीष कुमार को बाहर निकाला।
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रेलवे ट्रैक बाधित: इस हादसे के कारण कोयला ढोने वाली रैक का परिचालन कुछ घंटों के लिए थम गया, जिससे एनटीपीसी की कोयला आपूर्ति शृंखला पर भी असर पड़ा।
ललमटिया हाइवा हादसा: मुख्य विवरण (Accident Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| हादसे का स्थान | तेलगामा, महागामा-ललमटिया मार्ग (गोड्डा) |
| गिरावट की ऊँचाई | लगभग 40 फीट (सड़क से ट्रैक तक) |
| घायल कर्मी | लालू कुमार (चालक) और मनीष कुमार (उपचालक) |
| बचाव दल | ललमटिया पुलिस और एनटीपीसी रेस्क्यू टीम |
| वर्तमान स्थिति | रेल यातायात बहाल, घायलों का अस्पताल में इलाज जारी |
जांच के घेरे में 'रफ्तार' और 'ब्रेक'
प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि आखिर इतना बड़ा हाइवा रेलिंग तोड़कर नीचे कैसे गया।
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तकनीकी खराबी: क्या गाड़ी का स्टीयरिंग फेल हुआ था या ड्राइवर को नींद की झपकी आई? पुलिस इन दोनों पहलुओं पर लालू कुमार के होश में आने का इंतजार कर रही है।
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सुरक्षा ऑडिट: एनटीपीसी और जिला प्रशासन अब इस जर्जर रेलिंग की मरम्मत और मार्ग के सुरक्षा ऑडिट की तैयारी कर रहे हैं।
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रेल खंड की स्थिति: फिलहाल ट्रैक से मलबे को हटा दिया गया है और रैक का परिचालन धीमी गति से शुरू कर दिया गया है।
एक चमत्कारिक बचाव
ललमटिया का यह हादसा किसी बड़ी त्रासदी में बदल सकता था अगर मालगाड़ी की रफ्तार थोड़ी भी ज्यादा होती या चालक पहियों के नीचे आ जाता। यह पुलिस और एनटीपीसी की टीम की मुस्तैदी थी जिसने समय रहते दो जिंदगियां बचा लीं।
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