Hazaribagh Massacre : हजारीबाग में कहर बनकर दौड़ी गाड़ी, दो को रौंदा, 6 की हालत नाजुक
हजारीबाग के बड़कागांव में आधी रात को एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने लोगों को रौंद दिया। हादसे में रोहित और प्रदीप साव की मौत हो गई है, जबकि 6 लोग जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। पुलिस रंजिश के एंगल से भी जांच कर रही है। पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
हजारीबाग/बड़कागांव, 6 मार्च 2026 – झारखंड के हजारीबाग जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। बड़कागांव थाना क्षेत्र के नापो खुर्द गांव में गुरुवार की देर रात एक अनियंत्रित स्कॉर्पियो ने ऐसा कहर बरपाया कि गांव की गलियां चीख-पुकार और खून से लाल हो गईं। इस दर्दनाक हादसे में दो लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि 6 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं। इलाके में चर्चा है कि यह महज एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश या आपसी रंजिश का नतीजा हो सकता है।
आधी रात को 'यमराज' बनकर आई स्कॉर्पियो
गांव में सन्नाटा था, तभी एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो तूफानी रफ्तार से गांव की सड़क पर दाखिल हुई।
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बेरहम टक्कर: वाहन ने सड़क किनारे खड़े लोगों को संभलने का मौका तक नहीं दिया। स्कॉर्पियो लोगों को रौंदते हुए सीधे एक घर की दीवार से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन पलट गया।
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दो की मौके पर मौत: हादसे में रोहित साव और प्रदीप साव ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। उनके शव क्षत-विक्षत हालत में मलबे और वाहन के बीच से बरामद किए गए।
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6 घायल, 2 रिम्स रेफर: घायलों की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। दो को बेहतर इलाज के लिए रिम्स रांची भेजा गया है, जबकि अन्य का इलाज हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पतालों में चल रहा है।
हादसा या हत्या? रंजिश की बू
पुलिस भले ही इसे अभी एक्सीडेंट मान रही हो, लेकिन स्थानीय लोगों के दावे ने मामले को पेचीदा बना दिया है।
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पुरानी रंजिश: गांव वालों का कहना है कि मृतक रोहित साव का हाल ही में कुछ दबंगों से विवाद हुआ था।
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टारगेट किलिंग का शक: जिस तरह से गाड़ी सीधे लोगों के समूह में घुसी और फिर घर से टकराई, वह किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहा है।
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फरार ड्राइवर: घटना के बाद से ही वाहन चालक और उसमें सवार लोग लापता हैं, जिससे शक गहरा गया है।
बड़कागांव का इतिहास: कोयला और संघर्ष की जमीन
हजारीबाग का बड़कागांव इलाका ऐतिहासिक रूप से अपनी प्राकृतिक संपदा और विस्थापन के संघर्षों के लिए चर्चित रहा है।
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विरासत: यह इलाका अपनी पुरापाषाण कालीन गुफाओं (जैसे इस्को की गुफाएं) के लिए विश्व प्रसिद्ध है। लेकिन बीते दशकों में यहाँ की सड़कों पर बढ़ता भारी वाहनों का दबाव और औद्योगिक तनाव ने शांति को प्रभावित किया है।
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सड़क सुरक्षा की चुनौती: बड़कागांव-हजारीबाग मार्ग पर अक्सर तेज रफ्तार गाड़ियां काल बनती रही हैं। यहाँ अवैध कोयला ढुलाई और शराब पीकर गाड़ी चलाने के मामले अक्सर सामने आते रहे हैं, जिसने आज एक और हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया।
पुलिस की कार्रवाई: SDPO पवन कुमार का बयान
सूचना मिलते ही बड़कागांव थाना पुलिस मौके पर पहुँची और दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो को जब्त कर लिया। एसडीपीओ पवन कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया है।
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गिरफ्तारी का इंतजार: पुलिस अब स्कॉर्पियो के नंबर के आधार पर मालिक और ड्राइवर का पता लगा रही है।
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सीसीटीवी और चश्मदीद: पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि अगर किसी के पास हादसे का वीडियो या सीसीटीवी फुटेज हो, तो तुरंत उपलब्ध कराएं।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट: दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए हजारीबाग मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट से कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है।
हादसे का संक्षिप्त विवरण: एक नजर में
| विवरण | प्रमुख जानकारी |
| मृतक | रोहित साव और प्रदीप साव |
| स्थान | नापो खुर्द गांव, बड़कागांव |
| घायलों की संख्या | 06 (दो रिम्स रांची में भर्ती) |
| वाहन | स्कॉर्पियो (जब्त) |
| प्रमुख अधिकारी | एसडीपीओ पवन कुमार |
सुलगते सवाल और इंसाफ का इंतजार
नापो खुर्द गांव में आज चूल्हा नहीं जला है। ग्रामीण आक्रोशित हैं और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। क्या यह वाकई एक हादसा था या फिर होली के खुमार में किसी ने रंजिश का हिसाब चुकता किया? यह तो पुलिस जांच के बाद ही साफ होगा, लेकिन इस घटना ने पूरे हजारीबाग को हिला कर रख दिया है।
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