Palamu Raid: दुबई कनेक्शन, पलामू में गैंगस्टर प्रिंस खान का शूटर हथियारों के साथ ढेर, स्वर्ण व्यवसायी पर फायरिंग की बड़ी साजिश नाकाम
पलामू पुलिस ने दुबई से गैंग चलाने वाले प्रिंस खान के शूटर शाहरुख अली को देशी कट्टे के साथ गिरफ्तार कर लिया है। शहर के एक बड़े स्वर्ण व्यवसायी पर फायरिंग कर दहशत फैलाने की इस खौफनाक साजिश और पुलिस की एंटी-क्राइम चेकिंग में हुए खुलासे की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी झारखंड में फैलते प्रिंस खान के इस खूनी नेटवर्क से अनजान रह जाएंगे।
मेदिनीनगर (पलामू), 2 जनवरी 2026 – झारखंड के कोयलांचल धनबाद में दहशत का पर्याय बन चुका प्रिंस खान गैंग अब पलामू तक अपनी जड़ें जमा चुका है। दुबई में बैठकर वर्चुअल नंबरों के जरिए रंगदारी और हत्या का नेटवर्क चलाने वाले प्रिंस खान ने अब पलामू के कारोबारियों को अपने निशाने पर ले लिया है। लेकिन, पलामू पुलिस की मुस्तैदी ने एक बड़ी खूनी वारदात को होने से पहले ही टाल दिया। 1 जनवरी की रात, जब पूरा शहर जश्न मना रहा था, पुलिस ने घेराबंदी कर प्रिंस खान के एक शार्प शूटर शाहरुख अली (25) को लोडेड देशी कट्टे के साथ दबोच लिया। यह गिरफ्तारी केवल एक अपराधी की पकड़ नहीं है, बल्कि पलामू में संगठित अपराध के पनपते साम्राज्य पर एक बड़ा प्रहार है।
कोयल नदी ओवरब्रिज पर 'मिडनाइट' एक्शन
पलामू एसपी के निर्देश पर शहर में एंटी-क्राइम चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान कोयल नदी ओवरब्रिज के नीचे एक संदिग्ध बाइक सवार पुलिस को देखकर भागने लगा।
-
खदेड़कर पकड़ा: पुलिस बल ने तत्परता दिखाते हुए भाग रहे युवक का पीछा किया और उसे ओवरब्रिज के पास ही खदेड़कर पकड़ लिया।
-
बरामदगी: जब उसकी तलाशी ली गई, तो पुलिस के होश उड़ गए। शाहरुख के पास से एक लोडेड देशी कट्टा और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए।
-
शूटर की पहचान: पकड़ा गया आरोपी शाहरुख अली शहर के ही हुसैन नगर पहाड़ी मुहल्ला का रहने वाला है, जो लंबे समय से प्रिंस खान के संपर्क में था।
स्वर्ण व्यवसायी की हत्या और दहशत की थी प्लानिंग
पूछताछ के दौरान शाहरुख ने जो खुलासे किए, वे चौंकाने वाले हैं। उसने स्वीकार किया कि उसे दुबई से सीधा निर्देश मिला था।
-
टारगेट सेट: पलामू के एक बड़े स्वर्ण व्यवसायी (ज्वेलर) से प्रिंस खान ने भारी रंगदारी की मांग की थी।
-
फायरिंग का जिम्मा: रंगदारी नहीं मिलने पर शाहरुख को जिम्मेदारी दी गई थी कि वह व्यवसायी के प्रतिष्ठान पर फायरिंग करे। मकसद केवल डराना नहीं, बल्कि पूरे पलामू के व्यापारियों के बीच यह संदेश देना था कि प्रिंस खान का नेटवर्क यहाँ पहुँच चुका है।
-
डिजिटल सुराग: शाहरुख के मोबाइल फोन से कई ऐसे नंबर और चैट मिले हैं जो सीधे तौर पर दुबई के नेटवर्क से जुड़े होने का संकेत देते हैं।
पलामू प्रिंस खान गैंग केस: मुख्य विवरण (Crime Snapshot)
| विवरण | जानकारी |
| गिरफ्तार शूटर | शाहरुख अली (25 वर्ष) |
| गैंग का सरगना | प्रिंस खान (दुबई से संचालित) |
| बरामद हथियार | 01 देशी कट्टा, 02 कारतूस, 01 बाइक |
| मुख्य साजिश | ज्वेलर पर फायरिंग और रंगदारी वसूली |
| पुलिस की उपलब्धि | 1 जनवरी की रात एंटी-क्राइम चेकिंग में सफलता |
इतिहास और खौफ: धनबाद से पलामू तक प्रिंस खान का विस्तार
प्रिंस खान का उदय धनबाद के वासेपुर से हुआ था। फहीम खान के साम्राज्य को चुनौती देकर उभरे प्रिंस खान ने हत्या और रंगदारी के दर्जनों कांडों को अंजाम दिया और फिर इंटरपोल की नजरों से बचकर दुबई भाग गया। झारखंड पुलिस का इतिहास गवाह है कि यह पहला गैंग है जो पूरी तरह 'वर्चुअल' मोड में काम करता है। धनबाद, रांची और रामगढ़ के बाद अब पलामू को निशाना बनाना यह दर्शाता है कि यह गैंग अब पूरे झारखंड में अपने 'स्लीपर सेल्स' (Sleeper Cells) तैयार कर रहा है। पलामू पुलिस ने इससे पहले भी इस गैंग के दो शूटरों को जेल भेजा है, जिससे यह साफ है कि जिले में गहरी पैठ बनाने की कोशिशें जारी हैं।
मोबाइल फोन खोलेगा राज: पुलिस की अगली तैयारी
पुलिस अब शाहरुख अली के कॉल रिकॉर्ड्स और इंटरनेट कॉलिंग की जांच कर रही है।
-
नेटवर्क का पर्दाफाश: पुलिस को अंदेशा है कि शहर में शाहरुख के साथ कुछ और स्थानीय युवक भी जुड़े हुए हैं जो उसे 'रेकी' (सूचना) देने में मदद कर रहे थे।
-
ज्वेलर्स की सुरक्षा: इस घटना के बाद पलामू के स्वर्ण व्यवसायियों में डर का माहौल है। पुलिस ने प्रमुख व्यापारिक केंद्रों पर सुरक्षा बढ़ाने और गश्त तेज करने का भरोसा दिया है।
-
न्यायिक हिरासत: आरोपी शाहरुख अली को आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
अपराधियों के लिए चेतावनी
पलामू पुलिस की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि अपराधी भले ही दुबई में बैठा हो या किसी पहाड़ी मोहल्ले में, कानून के हाथ लंबे हैं। प्रिंस खान के नेटवर्क पर यह प्रहार पलामू के व्यापारियों के लिए एक बड़ी राहत है। पुलिस के इस 'ऑपरेशन क्लीन' ने नए साल की शुरुआत में एक बड़ी खूनी साजिश को नाकाम कर दिया।
What's Your Reaction?


