Jamshedpur Car Crash: शादी से लौटते परिवार की सैंट्रो ने पेड़ को रौंदा, बाइक सवार भी चपेट में
जमशेदपुर के जुगसलाई में शादी से लौट रहे परिवार की सैंट्रो ने पेड़ को रौंदा, बाइक सवार दंपति भी चपेट में। रेलवे के रिटायर्ड बुजुर्ग समेत कई घायल, दो की हालत नाजुक।
जमशेदपुर: जुगसलाई थाना क्षेत्र के रंग गेट के पास गुरुवार तड़के एक ऐसा हादसा हुआ कि देखने वालों के होश उड़ गए। सरायकेला से शादी समारोह में शामिल होकर सरजामदा लुपुंगटोला लौट रहे एक ही परिवार की सैंट्रो कार ने अचानक अपना नियंत्रण खो दिया। पहले उसने एक बाइक सवार दंपति को टक्कर मारी और फिर सड़क किनारे लगे पेड़ से जा भिड़ी। कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया।
चालक को आई झपकी, उसी में पलटी पूरे परिवार की खुशियाँ
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार बुजुर्ग का बेटा चला रहा था। सुबह-सुबह की नींद और रातभर की थकान के चलते अचानक चालक को झपकी आ गई। बस एक पल – और कार सीधे पेड़ से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार में सवार बुजुर्ग, महिला और बच्चे समेत कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग रेलवे के रिटायर्ड कर्मचारी हैं, जिन्हें तुरंत रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बाइक सवार दंपति बाल-बाल बचे, परिवार के दो सदस्य नाजुक
हादसे से पहले कार ने एक बाइक सवार दंपति को भी अपनी चपेट में ले लिया था। सौभाग्य से उन्हें केवल मामूली चोटें आईं और प्राथमिक उपचार के बाद वे घर लौट गए। हालांकि कार सवार परिवार के दो सदस्यों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। रेलवे अस्पताल में उनका इलाज जारी है। परिवार के अन्य घायलों को भी अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
जानिए क्यों खास है जुगसलाई और रंग गेट का इलाका?
जमशेदपुर का जुगसलाई क्षेत्र टाटा स्टील और रेलवे लाइनों के बीच बसा हुआ है। यहाँ का रंग गेट उस दौर की याद दिलाता है जब जमशेदपुर को 'टाटानगर' कहा जाता था और यहाँ पर रंगीन मेले और रेलवे कर्मचारियों के सम्मेलन हुआ करते थे। आज यही इलाका सड़क हादसों की वजह से सुर्खियों में आता है। लोगों का कहना है कि रंग गेट के पास सड़क का मोड़ घातक है और वहाँ स्पीड ब्रेकर की सख्त जरूरत है।
पुलिस ने कार को कब्जे में लिया, जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही जुगसलाई पुलिस मौके पर पहुंची। क्षतिग्रस्त सैंट्रो कार को कब्जे में ले लिया गया। पुलिस ने बताया कि चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया जा रहा है। हालांकि अभी चालक भी घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती है।
क्या आपको भी ड्राइविंग में झपकी आती है? ये टिप्स बचा सकते हैं जान
विशेषज्ञों के अनुसार, रात 12 बजे से सुबह 6 बजे के बीच शरीर की नेचुरल स्लीप साइकिल सबसे सक्रिय होती है। लंबी ड्राइव से पहले 15-20 मिनट की झपकी जान बचा सकती है। कॉफी या ठंडा पानी पीना अस्थायी समाधान है, लेकिन सबसे अच्छा तरीका है – रात में वाहन न चलाना या साथ में एक और ड्राइवर रखना।
घटना के बाद इलाके में शोक की लहर
रंग गेट के पास सुबह से ही लोगों की भीड़ जुट गई थी। कार का मलबा देखकर लोग सहम गए। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि पिछले एक साल में यहाँ यह तीसरा बड़ा हादसा है। लोगों ने प्रशासन से इस चौराहे पर स्पीड थ्रेशहोल्ड और साइनेज लगाने की मांग की है।
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