Bronco Test : क्या रोहित शर्मा को टीम से बाहर करने की साजिश है? ब्रोंको टेस्ट पर मनोज तिवारी का बड़ा दावा

ब्रोंको टेस्ट पर छिड़ी बहस। मनोज तिवारी का आरोप – यह फिटनेस टेस्ट रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ियों को टीम इंडिया से बाहर करने के लिए लाया गया है। क्या यह वाकई फिटनेस का पैमाना है या साजिश?

Aug 29, 2025 - 18:01
 0
Bronco Test : क्या रोहित शर्मा को टीम से बाहर करने की साजिश है? ब्रोंको टेस्ट पर मनोज तिवारी का बड़ा दावा
Bronco Test : क्या रोहित शर्मा को टीम से बाहर करने की साजिश है? ब्रोंको टेस्ट पर मनोज तिवारी का बड़ा दावा

भारतीय क्रिकेट में फिटनेस टेस्ट को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने दावा किया है कि हाल ही में शुरू किया गया ब्रोंको टेस्ट दरअसल रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ियों को बाहर करने का जरिया है। उनका कहना है कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) में कोई ऐसा शख्स है, जो नहीं चाहता कि रोहित शर्मा भविष्य की योजनाओं का हिस्सा बनें।

ब्रोंको टेस्ट क्यों लाया गया?

ब्रोंको टेस्ट हाल ही में भारतीय टीम के स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच एड्रियन ले रॉक्स की देखरेख में लागू किया गया है।
यह टेस्ट पहले से मौजूद यो-यो टेस्ट और 2 किलोमीटर टाइम ट्रायल के अलावा एक नया मानक जोड़ता है।

मनोज तिवारी का मानना है कि इस टेस्ट का समय और मकसद संदेह पैदा करता है। उन्होंने कहा –
"मुझे लगता है कि विराट कोहली को 2027 विश्व कप की योजनाओं से बाहर करना मुश्किल है, लेकिन रोहित शर्मा को शायद शामिल नहीं किया जाएगा। यह ब्रोंको टेस्ट उन्हीं जैसे खिलाड़ियों को रोकने के लिए लाया गया है।"

फिटनेस सुधारेंगे तो ही मौका मिलेगा

तिवारी ने कहा कि अगर रोहित शर्मा अपनी फिटनेस पर काम नहीं करते हैं तो उनके लिए वनडे टीम में जगह बनाए रखना कठिन होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि –
"जब नए मुख्य कोच को पहली सीरीज़ मिली थी, तब यह टेस्ट क्यों नहीं लाया गया? अब अचानक क्यों? यह किसका आइडिया था? किसने इसे लागू किया?"

पहले भी फिटनेस टेस्ट से बाहर हुए खिलाड़ी

मनोज तिवारी ने भारतीय क्रिकेट के उस दौर की याद दिलाई, जब यो-यो टेस्ट लागू होने के बाद कई सीनियर खिलाड़ियों को दरकिनार कर दिया गया था।
उन्होंने कहा –
"गंभीर, सहवाग और युवराज जैसे दिग्गज खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन यो-यो टेस्ट की वजह से टीम से बाहर हो गए। ठीक वैसे ही अब ब्रोंको टेस्ट का इस्तेमाल कुछ खिलाड़ियों को हटाने के लिए किया जा सकता है।"

क्या है ब्रोंको टेस्ट?

  • यह एक हाई-इंटेंसिटी एंड्योरेंस टेस्ट है।

  • आमतौर पर रग्बी और अन्य खेलों में इस्तेमाल होता है।

  • इसमें खिलाड़ी को 20 मीटर, 40 मीटर और 60 मीटर की शटल रन दौड़नी होती है।

  • इस क्रम को 5 बार लगातार दोहराना होता है।

  • कुल दूरी होती है 1,200 मीटर

  • शीर्ष स्तर का खिलाड़ी यह टेस्ट करीब 6 मिनट में पूरा करता है।

भारतीय खिलाड़ियों के लिए जो बेंचमार्क तय किया गया है, उसमें शुभमन गिल, जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज जैसे खिलाड़ी फिट बैठते हैं।

अब बड़ा सवाल यही है कि क्या ब्रोंको टेस्ट सच में फिटनेस के नए पैमाने के लिए लाया गया है, या फिर जैसा मनोज तिवारी का दावा है, यह किसी खास खिलाड़ी को हटाने की रणनीति का हिस्सा है?
आने वाला समय ही इसका जवाब देगा।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Team India मैंने कई कविताएँ और लघु कथाएँ लिखी हैं। मैं पेशे से कंप्यूटर साइंस इंजीनियर हूं और अब संपादक की भूमिका सफलतापूर्वक निभा रहा हूं।