सरायकेला में नशा के खिलाफ मैराथन दौड़ आयोजित: स्कूली बच्चों और पुलिस प्रशासन की सहभागिता

सरायकेला में नशा के खिलाफ मैराथन दौड़ आयोजित: स्कूली बच्चों और पुलिस प्रशासन की सहभागिता

Jun 26, 2024 - 12:59
Jun 26, 2024 - 13:01
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सरायकेला में नशा के खिलाफ मैराथन दौड़ आयोजित: स्कूली बच्चों और पुलिस प्रशासन की सहभागिता
सरायकेला में नशा के खिलाफ मैराथन दौड़ आयोजित: स्कूली बच्चों और पुलिस प्रशासन की सहभागिता

राज्य सरकार नशा उन्मूलन के प्रति गंभीरता से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरे राज्य में नशा उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें पुलिस-प्रशासन के साथ स्कूली बच्चों को भी जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में बुधवार को सरायकेला में नशा के खिलाफ मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। इस आयोजन में जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।

मैराथन दौड़ का आयोजन

आयोजन की शुरुआत

यह मैराथन दौड़ एनार 10 +2 स्कूल से शुरू होकर बिरसा मुंडा स्टेडियम तक निकाली गई। इस आयोजन में स्कूली बच्चों, युवाओं, पुलिस प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। दौड़ के बाद सभी प्रतिभागियों को नशा के खिलाफ शपथ दिलाई गई।

उपस्थित अधिकारी और जनप्रतिनिधि

मैराथन दौड़ के आयोजन में सरायकेला एसडीओ सुनील कुमार प्रजापति, जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा समेत कई पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने अपने संबोधन में नशा उन्मूलन के महत्व पर प्रकाश डाला और युवाओं को नशे से दूर रहने की अपील की।

नशा उन्मूलन के प्रति जागरूकता

एसडीओ का संबोधन

स्कूली बच्चों को संबोधित करते हुए सरायकेला एसडीओ सुनील कुमार प्रजापति ने कहा कि हमारा समाज तभी पूर्ण रूप से नशा मुक्त होगा जब हम सब इसकी हानियों से पूर्णतया सजग होंगे। उन्होंने कहा कि नशा अनदेखे रूप से एक परिवार से समाज और फिर समाज से देश को अंदर ही अंदर खोखला कर रहा है, जिससे हमें बचाव और सुझाव दोनों की आवश्यकता है।

नशे के दुष्प्रभाव

एसडीओ ने कहा कि इस अभियान में यह बताया जा रहा है कि नशा करने से समाज को बहुत ज्यादा नुकसान होता है। जो युवा नशे के शिकार हो जाते हैं उनके स्वास्थ्य पर काफी प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा नशा के कई दुष्प्रभाव होते हैं, जैसे कि आर्थिक स्थिति खराब होना, घर में झगड़ा, सामाजिक अपराध का पनपना आदि।

नशा मुक्त समाज की दिशा में प्रयास

जिला परिषद अध्यक्ष का संबोधन

जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा ने अपने संबोधन में कहा कि नशा करने से व्यक्ति के जीवन में कई बदलाव होते हैं, जो समाज और देश को नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि समाज को नशे से बचाने के लिए नशे के सौदागरों पर कठोर कार्रवाई करने की आवश्यकता है।

जनसहभागिता की अपील

सोनाराम बोदरा ने लोगों से अपील की कि वे नशे के कारोबारियों की सूचना ज्यादा से ज्यादा शेयर करें, जिससे पुलिस इन पर कार्रवाई कर सके और एक नशा मुक्त समाज का निर्माण किया जा सके।

नशा उन्मूलन अभियान के प्रति जनजागरूकता

जागरूकता अभियान

नशा उन्मूलन के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए राज्य सरकार और प्रशासन विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं। इन कार्यक्रमों में नशा के दुष्प्रभावों के बारे में बताया जा रहा है और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

सामुदायिक सहभागिता

समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता से ही नशा उन्मूलन अभियान सफल हो सकता है। स्कूल, कॉलेज, सामाजिक संगठन और अन्य संस्थान इस अभियान में बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं।

नशा मुक्त समाज की दिशा में कदम

सामूहिक प्रयास

नशा मुक्त समाज की दिशा में सामूहिक प्रयास ही सफलता की कुंजी है। सरकार, प्रशासन, समाज और जनप्रतिनिधियों का सामूहिक सहयोग इस अभियान को सफल बना सकता है।

कठोर कार्रवाई

नशे के सौदागरों पर कठोर कार्रवाई करना आवश्यक है। पुलिस प्रशासन को इन सौदागरों की कमर तोड़ने के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए, जिससे समाज को इस बुराई से मुक्त किया जा सके।

निष्कर्ष

सरायकेला में आयोजित नशा के खिलाफ मैराथन दौड़ ने समाज में जागरूकता फैलाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। इस आयोजन में स्कूली बच्चों से लेकर पुलिस प्रशासन तक सभी की सहभागिता रही। नशा उन्मूलन के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन आवश्यक है। सरकार, प्रशासन और समाज के सामूहिक प्रयासों से ही नशा मुक्त समाज का निर्माण संभव है।