Jamshedpur Meet: क्षत्रिय हुंकार, शंभू नाथ सिंह फिर बने झारखंड क्षत्रिय संघ के अध्यक्ष, माइकल जॉन ऑडिटोरियम में हुई बड़ी घोषणा
जमशेदपुर के माइकल जॉन ऑडिटोरियम में झारखंड क्षत्रिय संघ की भव्य आमसभा संपन्न हुई है जहाँ सर्वसम्मति से शंभू नाथ सिंह को केंद्रीय अध्यक्ष और डॉ. प्रमोद कुमार सिंह को महासचिव चुना गया है। समाज को नई दिशा देने वाली इस ऐतिहासिक बैठक और 2026 के बड़े एक्शन प्लान की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी क्षत्रिय समाज के इस नए अध्याय की सच्चाई नहीं जान पाएंगे।
जमशेदपुर, 5 जनवरी 2026 – लौहनगरी के ऐतिहासिक माइकल जॉन ऑडिटोरियम में रविवार का दिन क्षत्रिय समाज के लिए एक नए युग की शुरुआत लेकर आया। झारखंड क्षत्रिय संघ की आमसभा में समाज की एकजुटता और भविष्य की रणनीतियों पर मंथन हुआ। पूरे राज्य से जुटे समाज के प्रतिनिधियों की गूँज के बीच श्री शंभू नाथ सिंह को एक बार फिर निर्विरोध झारखंड क्षत्रिय संघ का केंद्रीय अध्यक्ष घोषित किया गया। वहीं, अध्यक्ष की अनुशंसा पर डॉ. प्रमोद कुमार सिंह को महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस आमसभा ने न केवल संगठन की शक्ति का प्रदर्शन किया, बल्कि समाज को शिक्षित और सशक्त बनाने के लिए 2026 का 'रोडमैप' भी तैयार कर दिया।
भव्य उद्घाटन और अंग वस्त्र से स्वागत
कार्यक्रम की शुरुआत भव्य तरीके से हुई। श्री शंभू नाथ सिंह, श्री चंद्रगुप्त सिंह, आरबीबी सिंह, और रामजनम सिंह सहित दर्जनों गणमान्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर सभा का आगाज किया।
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सम्मान और सत्कार: समाज के वरिष्ठों को अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। डॉ. कविता परमार ने अपने स्वागत भाषण में समाज की गौरवगाथा और एकता पर बल दिया।
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शक्तिशाली मंच: कार्यक्रम का सफल संचालन एनके सिंह और मंजू सिंह ने किया, जिसमें लगभग 600 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
नई टीम, नया जोश: केंद्रीय कार्यकारिणी का एलान
संरक्षक श्री आरबीबी सिंह ने जब सभी इकाइयों की सहमति से शंभू नाथ सिंह के नाम की घोषणा की, तो पूरा ऑडिटोरियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा। इसके बाद नई टीम का गठन किया गया:
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मुख्य स्तंभ: प्रशांत सिंह (संयुक्त महासचिव), अरविंद सिंह (कोषाध्यक्ष) और प्रशांत पुतुल (संपर्क सचिव) बनाए गए।
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उपाध्यक्षों की फौज: विमल कुमार सिंह, हरिशंकर सिंह, संजय सिंह और अनूप सिंह समेत 10 लोगों को केंद्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली।
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युवा और महिला शक्ति: युवा इकाई से नीरज सिंह और महिला इकाई से महासचिव मंजू सिंह ने अपनी प्रतिवेदन रिपोर्ट में 2025 की उपलब्धियों और 2026 के लक्ष्यों का पूरा खाका पेश किया।
झारखंड क्षत्रिय संघ: नई जिम्मेदारी (New Leadership List)
| पद | नाम |
| केंद्रीय अध्यक्ष | श्री शंभू नाथ सिंह |
| महासचिव | डॉ. प्रमोद कुमार सिंह |
| कोषाध्यक्ष | अरविंद सिंह |
| संयुक्त महासचिव | प्रशांत सिंह |
| महिला महासचिव | मंजू सिंह |
इतिहास और विरासत: झारखंड क्षत्रिय संघ की पहचान
झारखंड क्षत्रिय संघ का इतिहास केवल एक संगठन का नहीं, बल्कि जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में समाज सेवा और एकजुटता का प्रतीक रहा है। पिछले 13 वर्षों में शंभू नाथ सिंह के नेतृत्व में संघ ने न केवल सामाजिक विवादों को सुलझाया, बल्कि शिक्षा और विवाह जैसे आयोजनों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। शिव शंकर सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए सही कहा कि इस संघ को आज देश स्तर पर पहचान मिली है। यह संगठन अब केवल 'क्षत्रिय पहचान' तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के बच्चों को आधुनिक शिक्षा और संस्कार देने का एक बड़ा केंद्र बन गया है।
2026 का विजन: शिक्षा और संगठन पर जोर
अध्यक्ष शंभू नाथ सिंह ने पिछले 13 वर्षों के कार्यों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया और भविष्य की चुनौतियों पर प्रकाश डाला।
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शिक्षा सबसे ऊपर: शिव शंकर सिंह ने अपने वक्तव्य में स्पष्ट किया कि समाज की मजबूती के लिए बच्चों की उच्च शिक्षा पर ध्यान देना अनिवार्य है। उन्होंने युवाओं से समाज के लिए समय निकालने की अपील की।
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इकाइयों की सक्रियता: सातों इकाइयों के अध्यक्षों ने अपनी रिपोर्ट दी, जिसमें 2026 में होने वाले सामाजिक कार्यों और गरीब मेधावी छात्रों की मदद की योजना शामिल थी।
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सामाजिक समरसता: कार्यक्रम में महिला संरक्षिका सीता सिंह, बी.बी. सिंह और बच्चा सिंह जैसे वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति ने संगठन की जड़ों को और मजबूती दी।
सामूहिक भोज और एकता का संकल्प
सभा के अंत में सभी 600 उपस्थित सदस्यों ने एक साथ रात्रि भोज का आनंद लिया। यह भोज केवल भोजन नहीं, बल्कि समाज के भीतर 'ऊंच-नीच' और 'भेदा-भेद' को खत्म करने का एक संदेश था। शंभू नाथ सिंह के नेतृत्व में क्षत्रिय संघ अब 2026 की नई चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है।
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