Jamshedpur Zoo: छह दिन में 10 काले हिरणों की रहस्यमय मौत, फैला घातक संक्रमण
जमशेदपुर के टाटा जू में दहशत। छह दिन के भीतर 10 कृष्णमृगों की रहस्यमय मौत से मचा हड़कंप। वन्यजीव विशेषज्ञों ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की। क्या यह रक्तस्रावी सेप्टिसीमिया का घातक हमला है। जानिए, जू प्रबंधन अब क्या एहतियात बरत रहा है और कितने हिरण बचे हैं।
जमशेदपुर, 8 दिसंबर 2025 – जमशेदपुर स्थित टाटा स्टील वन्यजीव उद्यान में पिछले छह दिनों के भीतर 10 काले हिरणों (कृष्णमृग) की रहस्यमय मौत से पूरे इलाके में दहशत और वन्यजीव विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई है। काले हिरणों के मरने का यह सिलसिला एक दिसंबर को शुरू हुआ और छह दिसंबर तक लगातार जारी रहा, जिसके बाद अब इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की जा रही है।
प्रबंधन की लापरवाही पर उठे सवाल
वन्य जीव विशेषज्ञों का कड़ा रुख है कि जब पहला काला हिरण मारा था, तभी वन्यजीव उद्यान प्रबंधन को सजग हो जाना चाहिए था। यदि समय पर अन्य हिरणों का इलाज शुरू कर दिया जाता, तो इतनी बड़ी संख्या में जानों को बचाया जा सकता था। विशेषज्ञों ने कहा कि यह प्रबंधन की गंभीर लापरवाही का संकेत देता है।
-
18 में से 10 की मौत: वन्यजीव उद्यान के उपनिदेशक डॉ. नईम अख्तर ने दुख व्यक्त करते हुए बताया कि कुल 18 कृष्णमृगों में से अब तक 10 की मौत हो चुकी है और सिर्फ 8 ही जीवित बचे हैं। मृत हिरणों के सभी नमूने विस्तृत जांच और शव परीक्षा के लिए रांची पशु चिकित्सा महाविद्यालय भेजे गए हैं।
घातक जीवाणु का हो सकता है हमला
प्रारंभिक लक्षणों के आधार पर यह गहरा संदेह है कि यह मौतें रक्तस्रावी सेप्टिसीमिया प्रजाति के जीवाणु से होने वाले एक घातक संक्रमण के कारण हुई हैं। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।
-
गंभीर संक्रमण: महाविद्यालय की विकृति विज्ञान विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. प्रज्ञा लकड़ा ने बताया कि शव परीक्षा पूरी कर ली गई है और शुरुआती संकेत संक्रमण की ओर इशारा करते हैं। बताया जाता है कि यह जीवाणु अत्यधिक तेजी से फैलता है और संक्रमित हिरणों में तेज बुखार, गले की सूजन और सांस लेने में कठिनाई जैसे गंभीर लक्षण पैदा करता है। कई मामलों में संक्रमण इतना तीव्र होता है कि इलाज का समय भी नहीं मिल पाता।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
एहतियात के तौर पर वन्यजीव उद्यान प्रबंधन ने कृष्णमृग के बाड़ों में स्वच्छता बढ़ा दी है। कर्मी की आवाजाही को सीमित कर दिया गया है, और वहां उपस्थित 370 से अधिक जीव-जंतुओं की नियमित स्वास्थ्य जांच शुरू कर दी गई है। मौतों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रबंधन को पूरी तरह से सजग मोड पर रखा गया है।
What's Your Reaction?


