777 चार्ली मूवी रिव्‍यू | 777 charlie movie story and review in hindi

777 चार्ली movie story and review

777 चार्ली मूवी रिव्‍यू | 777 charlie movie story and review in hindi

मूवी रिव्‍यू: 777 चार्ली

ऐक्टर:
रक्षित शेट्टी,संगीता श्रृंगेरी,राज बी शेट्टी,दानिश सैत,बॉबी सिन्हा

डायरेक्टर : किरणराज के

श्रेणी:Kannada, Drama, Adventure, Comedy

अवधि:2 Hrs 45 Min

रिश्ते कई तरह के होते हैं कुछ रिश्ते स्नेह और प्रेम  से जुड़े होते हैं कुछ पारस्परिक संबंध से आप कुछ ऐसे संबंध होते हैं जिस संबंध के बारे में हम समझ नहीं पाते हैं पर महसूस करते हैं ।  बेजुबान जानवर और इंसान के रिश्ते पर भारतीय सिनेमा में हाथी मेरे साथी ,मेरा रक्षक ,जानवर और इंसान ,गाय और गौरी जैसी कई फिल्में बन चुकी है जैसा कि हम जानते हैं कुत्ते इंसान के सबसे अच्छे दोस्त होते हैं इस बेजुबान की वफादारी की एक अलग इज्जत है इस शुक्रवार एक इस तरह की खूबसूरत हिंदी रिलीज हुई है जिसका नाम है 777 चार्ली कन्नड़ सिनेमा के मल्टी टैलेंटेड एक्टर रक्षित शेट्टी की फिल्म इंसान और कुत्ते की बीच की  रिश्ते को दिखाता है यह कहानी आप की आंखों को सुकून देता है दिल और भी गहरा सकता है KGF 2 की उम्मीद बढ़ गई है जानिए हम जानते हैं की कहानी के बारे में |

मूवी रिव्‍यू: 777 चार्ली कहानी

फिल्म के हीरो धर्मा और कुत्ते की बीच की एक ऐसी मुस्कान जर्नी है जिसमें पालतू कुत्ते की खुशियों को पूरा करना धर्मा का मकसद बन जाता है इस फिल्म में हीरो हाव भाव कबीर सिंह जैसे किरदार की याद दिलाता है हीरो की अपनी एक ट्रैजिक कहानी है जिसकी वजह से उसके जीवन का रूटीन सिर्फ एक फैक्ट्री ,बाइक ,एक गंदा घर ,बियर ,बड़ी दाढ़ी इटली सिगरेट तक सीमित है यही उसकी जिंदगी है धर्मा के चेहरे की खामोशी और गंभीरता से उसके मोहल्ले के बच्चे खाते हैं यह देखने से बहुत ही डरावना लगता है एक बेहद लावारिस कुत्ता धर्मा के दरवाजे पर आकर रुक जाता है धर्मा उस कुत्ते को भागने की लाख कोशिश करता है कामयाब नहीं हो पाता ही शुरुआत होती है दोनों के साथ और दिल छू लेने वाली सुंदर कहानी इस कुत्ते का नाम मिलता है 777 चार्ली अपनी अलग कहानी है आपको कर्नाटक से हिमाचल प्रदेश तक ले जाएगा और इस कहानी को बहुत अच्छी सी पिरोया गया है |

'777 चार्ली' का रिव्‍यू

777 चार्ली एक ऐसी फिल्म है जिसे हर किसी को देखना चाहिए आज के समय में इंसानों में एक दूसरे के बीच कम हो रही मानवता पर भी या फिर किसी लफ्जों से कम नहीं है फिल्म दिखाई गई छोटी-छोटी घटाएं आपकी आंखों को लगातार नमी बनाए रखेगी फिल्म की कमजोरियों की बात करें तो बैकग्राउंड संगीत और कहानी के हिसाब से कोई गाना ऐसा नहीं है जहां पर जाने वाले हो सकते हैं बुरे नहीं लगते परंतु वह आपके दिमाग पर नहीं बना पाते फिर भी जरूर है लेकिन आप को पर्दे पर बांध के रखे आपको भटकने नहीं थे कि कई बार आगे की कहानी का प्रोजेक्ट किया जा सकता है लेकिन उसे भी स्क्रीन में देखते हुए सपा के साथ बढ़ाना मजेदार है टेक्निकल टीम ने काम किया है अरविंद की कमाल की खूबसूरती हिमाचल के तहत किया गया फिल्म 777 चार्ली है हिंदी फिल्म के डायलॉग के साथ किया गया है इसके डायरेक्टर के साथ जाता है|